मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर सुदृढ़ होता प्रदेश का चिकित्सा तंत्र आईएचएमएस में आभा आईडी का उपयोग अनिवार्य — मोबाइल पर मिलेगा हेल्थ रिकॉर्ड, हर नागरिक का रहेगा सुरक्षित डेटा
सलूंबर/ जयपुर, 11 नवंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान का स्वास्थ्य तंत्र अब और अधिक सशक्त, पारदर्शी और तकनीकी रूप से आधुनिक बन रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (आईएचएमएस) में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। इसका उद्देश्य है — हर नागरिक को बेहतर और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।
हर नागरिक के लिए ‘‘एक देश, एकहेल्थ आईडी’’
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि राजस्थान डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक की आभा आईडी बनाई जा रही है ताकि उसका पूरा हेल्थ रिकॉर्ड एक स्थान पर सुरक्षित रहे। इससे इलाज के दौरान नागरिक को अपने पुराने रिकॉर्ड दिखाने में कोई परेशानी नहीं होगी।
ओपीडी और आईपीडी में अनिवार्य होगा आभा पंजीकरण
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना (एमएनएनआरवाई) के तहत सभी नागरिकों का आईएचएमएस सिस्टम में आभा आईडी के साथ पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
राज्य के सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि हर ओपीडी और आईपीडी मरीज की आभा आईडी बनाकर लिंक करें। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और नागरिकों को ‘‘एक देश, एक स्वास्थ्य आईडी’’ के सिद्धांत पर गुणवत्तापूर्ण सुविधा मिलेगी।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से होगी सुविधा
एनएचएम के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने बताया कि आभा आईडी प्रत्येक नागरिक की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान है जो उसके सभी हेल्थ रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है।
अब नागरिक अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से देख सकेंगे और डॉक्टर को आवश्यकतानुसार यह जानकारी सहमति से साझा कर सकेंगे।
इससे इलाज की प्रक्रिया तेज, सटीक और पेपरलैस बनेगी। साथ ही, नागरिकों को सरकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं का लाभ पाने में अधिक सुविधा होगी।
ओटीपी से भी बनेगी आभा आईडी
डॉ. यादव ने बताया कि यदि डेमोग्राफिक प्रमाणीकरण असफल होता है, तो मरीज की आभा आईडी ओटीपी प्रक्रिया के माध्यम से बनाई जाएगी।
राज्य के अस्पतालों को ‘स्कैन एंड शेयर’ प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पंजीकरण प्रक्रिया और भी सरल व तेज हो सके।
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अब तक 6.37 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जिससे राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
सभी अस्पतालों को 100 प्रतिशत आभा लिंक्ड पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मजबूती देने और प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ व डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है।