एनिकट निर्माण में बड़ा हादसा: दो मजदूरों की मौत, तीन गंभीर घायल जिला कलेक्टर को सोपा ज्ञापन और कलेक्ट्री के बार लगाया धरना हजारों की संख्या मजदूरों की भीड़
सलूंबर। तहसील सलूंबर के ग्राम मानपुरा (ईसरवास) में जलग्रहण विभाग के अंतर्गत चल रहे एनिकट निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही का भयावह चेहरा सामने आया है। ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की घोर अनदेखी के चलते हुए हादसे में लाम्बीडुंगरी गांव के दो कुशल आदिवासी श्रमिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 जनवरी 2026 को ठेकेदार हिरालाल पटेल एवं उनके पुत्र महेन्द्र कुमार पटेल द्वारा निजी खातेदारी भूमि पर नियमों को ताक पर रखकर एनिकट निर्माण कराया जा रहा था। निर्माण स्थल पर जेसीबी और एलएनटी मशीनों से नींव खुदाई चल रही थी। इसी दौरान बिना सुरक्षा इंतजामों के मजदूरों को ताजा व कमजोर दीवार से सटी नींव में उतार दिया गया, जो हादसे की बड़ी वजह बनी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार निर्माण में घटिया सामग्री और भारी लापरवाही बरती गई। अचानक एनिकट की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से
कचरा पिता लालू मीणा (32 वर्ष) एवं
प्रभु पिता माना मीणा (45 वर्ष)
की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में थावरचंद, प्रकाश एवं गोतमलाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है। मृतकों के शव फिलहाल सलूंबर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं।
दोनों मृतक गरीब आदिवासी परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। प्रभु की पत्नी दिव्यांग है, जिससे दोनों परिवारों पर भुखमरी और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
घटना के विरोध में लाम्बीडुंगरी, डगार सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर सलूंबर को ज्ञापन सौंपकर
निष्पक्ष जांच
दोषी अधिकारियों व ठेकेदार की गिरफ्तारी
मृतक परिवारों को 20-20 लाख रुपये
गंभीर घायलों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा
श्रमिक कल्याण बोर्ड से तत्काल सहायता
अंतिम संस्कार हेतु त्वरित सहायता
की मांग की है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय और मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।