सलूम्बर महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सलूम्बर की ओर से महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में केंद्र की भाजपा-नीत एनडीए सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे समाप्त करने की मंशा का आरोप लगाया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी ने बताया कि वर्ष 2006 में प्रारंभ हुई महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना देश के गरीब, मजदूर और किसान परिवारों के लिए जीवनरेखा रही है। लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा योजना के नाम और स्वरूप में किए गए बदलाव से मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हुआ है।
कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि मनरेगा कानून में पुनः ‘गारंटी’ शब्द जोड़ा जाए और 100 दिन के रोजगार की सुनिश्चित गारंटी पूर्ववत बहाल की जाए। साथ ही योजना में राज्य सरकार पर डाले गए 40 प्रतिशत वित्तीय भार को समाप्त कर पूरी राशि केंद्र सरकार द्वारा वहन किए जाने की मांग की गई, ताकि राज्यों पर आर्थिक बोझ न पड़े और योजना सुचारू रूप से चले।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मजदूरों को रोजगार और गांवों में कराए जाने वाले कार्यों का अधिकार ग्रामसभा को पूर्ववत दिया जाए तथा योजना का नाम फिर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना ही रखा जाए।
जिला कांग्रेस कमेटी ने बताया कि मनरेगा पर आए संकट के विरोध में सलूम्बर जिले में 10 जनवरी 2026 से 2 फरवरी 2026 तक मजदूरों के हित में लगातार विभिन्न स्वरूपों में आंदोलन किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने महामहिम राष्ट्रपति से अपील की है कि मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए मनरेगा योजना को उसके मूल स्वरूप में पुनः लागू करने के निर्देश दिए जाएं।