पॉक्सो मामले में आरोपी बरी, निःशुल्क विधिक सहायता बनी सहारा

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सलूम्बर जिला एवं सत्र न्यायालय के पॉक्सो कोर्ट ने एक चर्चित मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण आरोपी निजी वकील करने में सक्षम नहीं था, ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उसे निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई।
प्रकरण वर्ष 2024 में सेमारी थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोपी पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला कायम किया गया था। पुलिस अनुसंधान के बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया, जहां करीब दो वर्ष से अधिक समय तक सुनवाई चली। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह और दस्तावेज पेश किए।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के अधिवक्ता ने लगातार प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि प्राधिकरण का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाना है। महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांगजन, न्यायिक अभिरक्षा में बंद व्यक्तियों सहित विभिन्न वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस फैसले को लेकर विधिक सहायता तंत्र की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसने एक निर्धन व्यक्ति को कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर न्याय प्रक्रिया में बराबरी का अवसर दिलाया।

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