51 कुंडीय शिव महायज्ञ का भव्य समापन: हजारों श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति में दी आहुतियां

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सलूंबर/बनोड़ा। त्रिवेणी मठ बनोड़ा में आयोजित पांच दिवसीय 51 कुंडीय शिव महायज्ञ का सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। महंत श्री रामानुज पुरी जी महाराज (मोनी बाबा) के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

समापन अवसर पर सुबह से ही त्रिवेणी मठ परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। काशी से पधारे विद्वान आचार्यों एवं पंडितों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ 51 कुंडों में एक साथ हवन एवं पूर्णाहुति संपन्न करवाई गई। पूरे परिसर में “हर हर महादेव” और वैदिक मंत्रों की गूंज से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
महंत श्री रामानुज पुरी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यज्ञ, पूजा और सत्संग भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है। उन्होंने सभी भक्तों से धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान रुद्राभिषेक, शिव पूजन, भजन संध्या और महाआरती का आयोजन भी हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मां अन्नपूर्णा की कृपा से आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
सरणी एवं बूढ़ी नदी के संगम स्थल स्थित प्राचीन श्री सोमनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित इस महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखा गया। आयोजन समिति ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं।
समापन समारोह में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न गांवों से आए श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

और पढ़ें

error: Content is protected !!