सलूम्बर। जिले के केलवा, रावरेल और लसाड़िया क्षेत्र की कालबेलिया बस्ती में पेयजल संकट विकराल रूप ले चुका है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द स्थायी समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में करीब चार दशक से लोग निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन दूर-दराज क्षेत्रों से पानी भरकर लाना पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ संकट और गहरा गया है।
केंद्रीय श्रमिक संगठन ऐक्टू के जिला अध्यक्ष शंकरलाल मीणा ने बताया कि हाल ही में पानी लेने गई एक महिला का दो माह का बच्चा घर पर तेज गर्मी के कारण दम तोड़ बैठा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ऐक्टू जिला सचिव हरीश साल्वी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं हुई तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं गभाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता गौतम मीणा ने क्षेत्र में हैंडपंप, नल कनेक्शन और नियमित टैंकर व्यवस्था शुरू करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सुगना पत्नी नारायण कालबेलिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधा के रूप में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।