झल्लारा। नरेगा में ऑनलाइन हाजिरी के सर्वर में आ रही तकनीकी दिक्कतों और क्षेत्र की बदहाल सड़कों के सुदृढ़ीकरण की मांग को लेकर आज क्षेत्र के ग्रामीणों और नरेगा मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। समाजसेवी रामलाल मीणा के नेतृत्व में आज क्षेत्र के दर्जनों मजदूरों ने मानपुर से झल्लारा तक करीब 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा की। भीषण गर्मी और तपती धूप की परवाह न करते हुए मजदूर नारेबाजी करते हुए झल्लारा विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर सलूंबर के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
विकास अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में समाजसेवी रामलाल मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम यानी ऑनलाइन हाजिरी ऐप सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। सर्वर डाउन होने और नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार मजदूरों के कार्यस्थल पर मौजूद होने के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है। ऑनलाइन हाजिरी न चलने की वजह से गरीब मजदूरों की दिनभर की मेहनत बेकार जा रही है और उन्हें मजदूरी से वंचित होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक इस तकनीकी खामी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जाता, तब तक हाजिरी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जानी चाहिए ताकि किसी भी गरीब की मजदूरी न मरे।
मजदूरों की समस्याओं के साथ-साथ क्षेत्र के बुनियादी विकास और खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा भी इस ज्ञापन के माध्यम से प्रमुखता से उठाया गया। समाजसेवी रामलाल मीणा ने डीएमएफटी (जिला खनिज प्रतिष्ठान ट्रस्ट) फंड के अंतर्गत क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण सड़कों के डामरीकरण की स्वीकृति जारी करने की मांग की। इसके तहत कुंडल घाटी से छानी फला तक दो किलोमीटर, हंदीफला से पनवा फला तक साढ़े तीन किलोमीटर और कारटिया से पिपलपानी तक चार किलोमीटर की सड़क को डामरीकृत करने का आग्रह किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इन मार्गों पर पक्की सड़क न होने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस आदि को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और बारिश के दिनों में इन बस्तियों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है।
झल्लारा विकास अधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए ग्रामीणों और मजदूरों को आश्वस्त किया कि ऑनलाइन हाजिरी की समस्या से उच्चाधिकारियों को तुरंत अवगत कराया जाएगा। साथ ही, डीएमएफटी के तहत डामरीकरण सड़कों के प्रस्ताव को नियमानुसार जिला कलेक्टर सलूंबर के समक्ष भिजवाकर जल्द से जल्द राहत प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। इस पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने के दौरान भारी संख्या में क्षेत्र के नरेगा मजदूर, पंच-पटेल और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।