स्लीपर बसों की मनमानी पर शिकंजा, 3 बसों के 45 हजार के चालान आपातकालीन खिड़कियां नहीं खुलीं, फिक्स मिले अग्निशमन यंत्र; संयुक्त दल ने किया औचक निरीक्षण

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सलूम्बर, 10 अगस्त। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रही लग्जरी एवं स्लीपर बसों के खिलाफ सोमवार को सलूम्बर में संयुक्त निरीक्षण दल ने कार्रवाई की। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे पर बसों की अचानक जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान तीन स्लीपर बसों में एआईएस-119 सुरक्षा मानकों सहित निर्धारित नियमों का उल्लंघन सामने आया। इन बसों का आकार निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं मिला। साथ ही किसी भी बस में आपातकालीन खिड़की ऐसी स्थिति में नहीं मिली, जिसे जरूरत पड़ने पर यात्री आसानी से खोल सकें। सुरक्षा व्यवस्था की जांच में अग्निशमन यंत्र भी निर्धारित तरीके से नहीं लगाए मिले। एक बस में अग्निशमन यंत्र की वैधता अवधि भी समाप्त पाई गई।

यात्रियों को नहीं थी इमरजेंसी एग्जिट की जानकारी

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बसों में सफर कर रहे यात्रियों को आपातकालीन खिड़की के उपयोग की जानकारी नहीं थी। ऐसे में किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। दल ने बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तीनों बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 45 हजार रुपए के चालान बनाए गए। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों को गंतव्य तक सवारियां पहुंचाने के निर्देश के साथ रवाना किया गया। संचालकों को वाहनों में मिली कमियों को दूर कर बसों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने तथा पुनः परिवहन कार्यालय में निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करने की हिदायत दी गई।

इनकी रही मौजूदगी

संयुक्त निरीक्षण दल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सलूम्बर के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत कुमार, जिला परिवहन अधिकारी विपिन माहेश्वरी तथा यातायात चौकी प्रभारी एएसआई देवीदयाल सिंह मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कनिष्ठ सहायक ऋषिकेश मीणा, परिवहन विभाग के कर्मचारी और यातायात पुलिसकर्मी भी साथ रहे।

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