
सेखातेदारी नहीं करा पाये जिसका कच्जा आज भी हमारे गांव के लोगो के पास में है तथा उक्त भूमि को राजस्व विभाग द्वारा बिलानाम कर दी गयी जिसकी हमें कोई जानकारी नहीं थी तथा अभी राजस्व विभाग द्वारा उक्त भूमि रिको को उद्योग लगाने के
लिए आवंटित कर दी गयी है तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) के तहत अनुसूचित क्षेत्र का प्रावधान है एवं अनुसूचित क्षेत्र में किसी भी सरकारी या गैर सरकारी कार्य को करने के
लिए संविधान के अनुच्छेद 13(3) (क) के तहत ग्राम सभा का अनुमोदन लिया जाता है लेकिन जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीयों के द्वारा किसी भी प्रकार का कोई अनुमोदन नहीं लिया
गयाजिससे हमारे गांव को काफी नुकसानी होने का अंदेशा है तथा आदिवासी क्षेत्र में इस प्रकार से जमिन छिन लेने से उक्त खातेदारी व्यक्ति जो 1985 से पहले खातेदारी थे वह बेघर हो जाएंगे तथा केमिकल उद्योग होने से हमारे गांव के लोगो के
स्वास्थ पर काफी बुरा असर पड़ेगा तथा इन्डस्ट्री लगने से पानी भी दुषित होगा जिससे मवेशियों व गांव के लोगों के जीवन पर संकट आ जायेगा तथा हमारे मवेशियों के चरने की भी काफी मुसीबत हो जायेगी।WhatsApp us