
ऐतिहासिक भूमिका निभाई और आयोजन को पूर्णतः भक्ति भाव एवं सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत बना दिया। कार्यक्रम में समाज से आवाहन किया गया कि सामाजिक समरसता की एक
अंगूठी पहला हो इसके अंतर्गत अपने घरों से एक मुट्ठी गुण साथ ले और एक पात्र में प्रभु के चरणों में समर्पित करें प्रसाद को एक साथ मिलाकर सभी भक्तों में वितरित किया गया ,संदेश स्पष्ट था कि हम सब सनातनी भाई-भाई है सब एक दूसरे के घर का प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। संध्या समय जैसे ही सूर्य ढला, आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
कार्यक्रम का शुभारंभ नन्ही बालिका गौरांगी द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ, जिसने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके पश्चात कृति वैष्णव द्वारा आत्मरक्षा हेतु तलवार प्रदर्शन एवं यशस्वी प्रजापत द्वारा सुदर्शन चक्र का सजीव प्रदर्शन दर्शकों के लिए प्रेरणादायी रहा। शिशु भारती संस्थान के नन्हें बालकों ने अशोक वाटिका का मंचन किया ।



राठौड़,अरुण सिंह सोलंकी, हीरालाल सोनी,सुखलाल लोहार, सिंधी समाज से प्रकाश फुलानी ,अशोक प्रजापत ,सहित विभिन्न समाजों के वरिष्ठजन भी सम्मिलित हुए। कविता विजवर्ती द्वारा आओ मंदिर चले आंदोलन की पूरी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पुष्पांजलि झाला तथा अनुजा बंधु ने किया। यह जानकारी मीडिया प्रमुख अरुण सिंह राठौड़ ने दी।WhatsApp us