
बताया कि केवड़े की नाल क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है। वहां से निकलने वाली नदी एवं छोटे-मोटे नाले तेज रफ्तार से बहते हुए सीधे डाया बांध में गिरते हैं, जिसके चलते बांध का जलस्तर तेजी से बढ़कर क्षमता तक पहुँच गया और बांध ओवरफ्लो हो गया। डाया बांध से निकलने वाला अतिरिक्त पानी छोटी नदी के रूप में पलोदड़ा होते हुए टीडी नदी में जाकर मिलता है। पानी की यह निरंतर आवक न सिर्फ ग्रामीणों के लिए राहत का संदेश लेकर आई है, बल्कि किसानों के चेहरों पर भी रौनक आई।जल संसाधन विभाग सराड़ा के सहायक अभियंता धर्मेंद्र चौबीसा ने जानकारी दी कि डाया बांध की भराव क्षमता 12 मीटर है जबकि इसकी कुल जल क्षमता 12 पाइंट 40 मिलियन घन मीटर है। वर्तमान में बांध पूरी तरह से भर चुका है और अतिरिक्त पानी बहकर आगे निकल रहा है। बांध छलकने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे बांध स्थल पर पहुंचे और इस नज़ारे का आनंद लिया। किसान समुदाय में विशेष उत्साह है क्योंकि खेतों की सिंचाई और खरीफ फसलों की पैदावार को लेकर अब उम्मीदें और प्रबल हो गई हैं।WhatsApp us