सेमारी CHC की शर्मनाक घटना मृत महिला के शव को चूहों और कीड़े मकोड़ों ने नोचा मोर्चरी के अभाव में शव को कुतर रहे चुहै और कीड़े मकोड़

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​सलूंबर जिले के सेमारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक हृदय विदारक और शर्मनाक घटना सामने आई है सेमारी चंदोड़ा लिमडी की एक महिला सब्जी के खेत मे दवाई छिड़काव करते समय चकर आने से जमीन पर गिर गई वही आस पास खेतो मे अन्य लोग भी दवाइयां का छिड़काव कर रहे थे उन्होंने तुरंत महिला को सेमारी के सीएचसी हॉस्पिटल मे लाया गया वही डॉक्टर द्वारा मृतक घोषित किया मोर्चरी के अभाव में संबंधित स्थान पर रखी एक मृत महिला के शव को चूहों और कीड़े-मकोड़ों ने बुरी तरह नोच खाया जिससे अस्पताल प्रशासन और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ​प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला की मृत्यु के बाद उसका अगले दिन जब परिजनों या स्टाफ ने शव को देखा तो उनके होश उड़ गए मृत शरीर के कई हिस्सों पर चूहों के काटने के गहरे निशान थे और उस पर कीड़े-मकोड़े रेंग रहे थे यह दृश्य इतना भयावह था कि इसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया​प्रशासनिक लापरवाही की हद
​यह घटना स्पष्ट रूप से अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही और अमानवीयता को दर्शाती है घोड़ासर सरपंच राजेंद्र कुमार मीणा ने भी बताया कि सेमारी मे सीएचसी हॉस्पिटल मे मोर्चरी क्या अभाव में मृतक महिला को पुरानी बिल्डिग मे रखा जहा पर कुते बिली कीड़े मकोड़े आसानी से मृतक महिला के सव को नोच रहे कीड़े मकोड़े ​सुरक्षा का अभाव एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में शव की सुरक्षा के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं थी ​स्वच्छता की कमी: चूहों और कीड़े-मकोड़ों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति अस्पताल परिसर की खराब स्वच्छता व्यवस्था की ओर इशारा करती है ​संवेदनहीनता मृत शरीर की देखभाल और सम्मान सुनिश्चित करने में भारी चूक हुई है जो मानवता के बुनियादी मूल्यों के विपरीत है ​उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग ​इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और महिला के परिजनों में भारी आक्रोश है उन्होंने अस्पताल के जिम्मेदार स्टाफ और उच्च अधिकारियों से ​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल प्रभाव से जांच समिति घटना सिर्फ एक लापरवाही नहीं बल्कि सरकारी अस्पतालों में शवों की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है ​इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थितियाँ बेहद चिंताजनक बनी हुई हैं।

रिपोर्टर जितेन्द्र पंचोली

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