ऋषभदेव हाइवे पर अपनी बहू का इलाज करा कर घर लौट रही शिक्षा सहयोगी रसन्ति देवी उनके बड़े बेटे अनिल कटारा और बहू जीजा का सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। एबीक ही घर के तीन कमाने वाले सदस्य चले गए। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है और सात छोटे-छोटे पोता-पोती हैं।
मेडम शिक्षा सहयोगी हैं, इसलिए उन्हें सरकारी लाभ नहीं मिल सकता। इस दुखद घटना में सेमारी सीबीईओ माया बजाड़ एवं सामाजिक कार्यकर्ता अध्यापकों ने अभियान चलाकर आर्थिक सहयोग से एक लाख तीस हजार रुपये ऑनलाइन एकत्रित किए। साथ ही मृतका मेडम के स्टाफ ने भी ग्यारह हजार रुपये की आर्थिक मदद का चेक परिवार को दिया।
कुल मिलाकर एक लाख इकतालीस हजार रुपये की सहायता राशि सीबीईओ माया बजाड़ एवं पूरी टीम ने मिलकर स्वर्गीय रसन्ति देवी के पैतृक गांव भोजातफला भोराईघाटा जाकर परिवार को सौंपी।