सलूंबर जिले की सेमारी ग्राम पंचायत में पिछले चार महीनों से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। गाँव के प्रमुख मार्गों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से उसका गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आमजन और विद्यालयों में आने-जाने वाले बच्चों तक को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चार महीनों से बदहाल सफाई व्यवस्था
पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने बनी नाली पिछले लंबे समय से गंदगी से अटी पड़ी है, लेकिन सफाई कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीणों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते जनता में भारी रोष व्याप्त है।
सड़कों पर बह रहा गंदा पानी — बीमारी का खतरा बढ़ा

गंदे और दूषित पानी के ओवरफ़्लो के कारण सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है। दो विद्यालयों के सामने से गंदा पानी बह रहा है, जिसके बीच से बच्चों और स्टाफ को गुजरना पड़ता है।
जगह-जगह जमा गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया व अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। कई बार दोपहिया वाहन चालक भी फिसलकर गिर चुके हैं।
सुलभ शौचालय भी नहीं
अंबे माँ चौक मुख्य बस स्टैंड पर सुलभ शौचालय की सुविधा नहीं होने से महिलाओं और पुरुषों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।
गांव में जगह-जगह कचरे के ढेर
दामावत मोहल्ला, होली चौक, जैन मोहल्ला, ऋषभदेव रोड, हवेली बाजार, मेघवाल मोहल्ला, सालवी मोहल्ला सहित कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर कचरा वाहन महीनों से नहीं आया।
ग्रामीणों का गहरा असंतोष
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन की गंभीर लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कहा—
“गाँव में इतनी गंदगी है कि अब साँस लेना भी मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है जैसे हम किसी नरक में रह रहे हों। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती।”
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग ग्रामीणों की प्रमुख मांगें—
पूरे गाँव में तत्काल सफाई अभियान चलाया जाए।
नालियों की नियमित सफाई और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
कचरा वाहन की नियमित आवाजाही शुरू की जाए।
लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे पंचायत कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।







