सलूंबर। जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बुधवार को वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, डाल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में छात्राएं मौजूद नहीं थीं, क्योंकि सभी छात्राएं विद्यालय जा चुकी थीं।
निरीक्षण में छात्रावास भवन कई हिस्सों में जर्जर अवस्था में पाया गया, जिस पर कलेक्टर ने गहरी चिंता जताते हुए तत्काल मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मरम्मत का बजट स्वीकृत होने के बावजूद स्वच्छ एजेंसी द्वारा अब तक काम शुरू नहीं करना गंभीर लापरवाही है। शौचालय भी टूटे एवं क्षतिग्रस्त स्थिति में पाए गए, जिन्हें शीघ्र दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
कलेक्टर मीना ने उपायुक्त, टीएडी, सलूंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि अगस्त माह से अब तक छात्रावास का भोजन बजट जारी क्यों नहीं किया गया? उन्होंने 3 दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और लंबित भुगतान तत्काल जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि छात्रावास वार्डन को अपने वेतन से छात्राओं के भोजन की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिस पर कलेक्टर ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। छात्रावास में कोच की नियुक्ति 7 दिवस में अंशकालिक/प्रतिनियुक्ति से सुनिश्चित करने एवं पुस्तकालय को तत्काल प्रारंभ कर छात्राओं को रजिस्टर में इंद्राज कर पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कंप्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं मिलने पर भी उन्होंने असंतोष जताया। अधिशाषी अभियंता, स्वच्छ एजेंसी को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि स्वीकृत बजट के बावजूद कार्य शुरू न करना जवाबदेही से बचना नहीं माना जाएगा, और 7 दिवस में मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं होने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। छात्रावास परिसर में लगे पेड़-पौधों का संरक्षण बेहतर मिला, जिसकी कलेक्टर ने सराहना की।
प्रधानाचार्य, ई.एम.आर.एस., प्रेमनगर को भी छात्रावास में नियमित विजिट कर छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने और काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही छात्रावास वार्डन को प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजे ‘स्टडी ऑवर’ अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर मीना ने अधिकारियों से कहा कि सभी आवश्यक सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिल सके।