सलूंबर। नाबालिग छात्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सरदार पटेल सेना का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने आईजी एस. परिमला से मुलाकात कर प्रकरण में कड़ी व त्वरित कार्रवाई की मांग की। संगठन ने मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में कराने, एक माह के भीतर समस्त साक्ष्यों के साथ कोर्ट में चालान पेश करने तथा तीन माह में दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग रखी।
आरोप— रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने नहीं की ठोस कार्रवाई
सरदार पटेल सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुनील पटेल ने बताया कि धम्बोला थाना क्षेत्र में एक अन्य समुदाय के युवक द्वारा नाबालिग छात्रा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। छात्रा द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि इसी लापरवाही के चलते मानसिक रूप से आहत छात्रा ने अपनी जान गंवा दी। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के साथ अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी उठाई।
तीन महीने में न्याय सबसे अहम
इस अवसर पर महेंद्र डांगी ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सर्वसमाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन ने कई मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन सबसे अहम मांग यही है कि पीड़ित बेटी को हर हाल में तीन महीने के भीतर न्याय मिले।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस विभाग से आग्रह किया कि मामले से जुड़े सभी फोरेंसिक, तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों का त्वरित संकलन कर एक माह में कोर्ट में चालान पेश किया जाए, ताकि आरोपी साक्ष्यों के अभाव में बच न सकें। साथ ही सरकार से त्वरित सुनवाई सुनिश्चित कर कठोर सजा दिलाने का अनुरोध किया गया।
आंदोलन की चेतावनी
सरदार पटेल सेना ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आक्रोश आंदोलन को केवल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। तय समय-सीमा में न्याय नहीं मिलने की स्थिति में प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।