अंधेरी माताजी मंदिर के विकास के लिए बजट घोषणा के बाद विधायक शंकरलाल डेचा ने किया स्थल निरीक्षण

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सागवाड़ा बजट घोषणा 2026–27 में पर्यटन मंत्रालय द्वारा अंधेरी माताजी मंदिर के विकास के लिए की गई घोषणा के बाद सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा ने विराट गांव के ग्रामीणों तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग सागवाड़ा के अधिकारियों की उपस्थिति में मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। यह घोषणा विधायक शंकरलाल डेचा और शैलेश शर्मा के सहयोग से संभव हो सकी। निरीक्षण के दौरान मास्टर प्लान के अनुसार मंदिर परिसर के विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रस्तावित योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का परकोटा निर्माण, प्रांगण में सीसी आयरन डोम का निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण तथा बागवानी विकास करवाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए विभागीय तकमीना तैयार कर पर्यटन विभाग को भेजा जाएगा।अंधेरी माताजी मंदिर बागड़ क्षेत्र का प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है और यह क्षेत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। मंदिर में स्थापित माताजी की प्रतिमा लगभग हजारों वर्ष पुरानी मानी जाती है। मान्यता है कि पांडवों के अज्ञातवास के दौरान पांडवों द्वारा इस काले पत्थर की प्रतिमा की स्थापना की गई थी, जिसमें शिव और शक्ति का अद्भुत स्वरूप दिखाई देता है। लोक मान्यता के अनुसार माताजी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। कहा जाता है कि प्राचीन समय में माताजी भक्तों को आवश्यकता पड़ने पर उधार भी देती थीं, और मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त मंदिर में वह राशि वापस चढ़ाते थे। इसी कारण माताजी को “उधारी माताजी” के नाम से भी जाना जाता है। चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र के दौरान यहां भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा प्रत्येक रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माताजी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस अवसर पर ट्रस्टी गोविन्दराम पाटीदार, डूंगरभाई पाटीदार, जितेन्द्र पाटीदार, विष्णु गामोट, महंत रविदास सहित कई श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे।

संवाददाता- सादिक़ अली

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