


उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अब तक दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास नहीं किया गया। परिवारों का कहना है कि उनका पूरे समाज से कोई विवाद नहीं है, बल्कि कुछ चुनिंदा व्यक्तियों द्वारा उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और पारिवारिक समारोहों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।WhatsApp us