सलूम्बर/लसाड़िया। धरियावद विधानसभा क्षेत्र के जनजातीय अंचल बेडावल में गुरुवार को विकास कार्यों की नई इबारत लिखी गई।
जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी की मौजूदगी में करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, भाजपा नेता एवं विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के तहत लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत से जनजातीय आश्रम छात्रावास भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया।
इसके साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से करीब 1.50 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि छात्रावास निर्माण से दूरदराज के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
भाजपा नेता कन्हैयालाल मीणा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्तावित कार्य पूरे होने के बाद क्षेत्रवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
कार्यक्रम में पूर्व जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, उपप्रधान धनराज पटेल, मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह झाला, एसटी मोर्चा अध्यक्ष पूंजीलाल मीणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने क्षेत्र को मिली विकास परियोजनाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों और सरकार का आभार जताया।
छात्रावास से बढ़ेगी शिक्षा की पहुंच
जनजातीय आश्रम छात्रावास भवन के निर्माण को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिलेगी और उन्हें उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना जनजातीय युवाओं के भविष्य को संवारने में अहम भूमिका निभाएगी।