सलूम्बर। जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. ने प्रशासनिक कार्यों में समयबद्धता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आमजन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संपर्क पोर्टल, बजट घोषणाओं और ग्रामीण-शहरी सेवा शिविरों की प्रगति का विभागवार आकलन किया।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि परिवेदनाओं का गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि 14 दिन से अधिक समय तक लंबित रहने वाले मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने अग्रणी बैंक अधिकारी को युवा संबल योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकाधिक पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को शिविर स्थलों पर समय पर उपस्थित रहने और आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर सरकार और जनता के बीच भरोसे का सेतु हैं, इसलिए इनके संचालन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
ई-गवर्नेंस को प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा चिकित्सा विभाग को मोबाइल एप्लीकेशन संचालन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु कर्मचारियों का प्रशिक्षण कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल सेवाओं में बाधा आने से आमजन प्रभावित होते हैं, इसलिए तकनीकी दक्षता बढ़ाना आवश्यक है।
बजट घोषणाओं की समीक्षा में नगर परिषद को वेस्ट टू वेल्थ पार्क परियोजना के कार्य शीघ्र शुरू करने तथा सहकारिता विभाग को उपभोक्ता भंडार के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया जल्द पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएचईडी विभाग को समर कंटीजेंसी योजना के तहत पेयजल आपूर्ति पर लगातार निगरानी रखने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर जिला कलक्टर ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया।