वनाधिकार के दावों पर अब चलेगा अभियान, पात्र परिवारों को मिलेगा हक का पट्टा 6 अगस्त से 15 सितंबर तक विशेष अभियान, लंबित दावों की होगी दोबारा जांच; सरकारी योजनाओं से भी जोड़ेंगे वनाधिकार पत्रधारकों को
सलूंबर, 5 अगस्त। वन क्षेत्रों में लंबे समय से रह रहे पात्र आदिवासी और परंपरागत वनवासियों के वन अधिकारों को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए जिले में विशेष अभियान शुरू होने जा रहा है। ‘वनाधिकार अभियान-2026’ के तहत 6 अगस्त से 15 सितंबर तक पात्र लोगों से वन अधिकार के दावे लिए जाएंगे और पहले से लंबित मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा।
अभियान में ऐसे परिवारों और समुदायों पर विशेष ध्यान रहेगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक वन अधिकार पत्र से वंचित हैं। नए दावे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार किए जाएंगे। वहीं, दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से अटके पुराने मामलों की भी दोबारा जांच कर नियमानुसार निर्णय किया जाएगा।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगा अधिकार
वन अधिकार अधिनियम-2006 के तहत जिन लोगों को पहले ही वन अधिकार पत्र मिल चुके हैं, उनके अधिकारों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अभियान के दौरान आगे बढ़ाई जाएगी। इससे लाभार्थियों के अधिकार सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज हो सकेंगे।
किसानों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
अभियान केवल वन अधिकार पत्र जारी करने तक सीमित नहीं रहेगा। पात्र वन अधिकार पत्रधारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। इससे वन अधिकार मिलने के साथ परिवारों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
ग्रामसभा से जिला स्तर तक होगी निगरानी
अभियान को गति देने के लिए ग्रामसभा, उपखंड और जिला स्तर पर समितियों की बैठकें तय समय-सारणी के अनुसार आयोजित की जाएंगी। वन, पंचायत राज और राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से दावों की प्रक्रिया पूरी करेंगे। अभियान की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी।
नए जिलों में वनाधिकार से जुड़े मामलों के लिए पूर्व मूल जिले के सक्षम प्राधिकारी तथा गठित जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का लक्ष्य अभियान की अवधि में पात्र दावेदारों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाने के साथ लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करना है।