मनरेगा व ग्रामीण विकास संविदा कार्मिकों का आक्रोश: 3 माह से मानदेय ठप, नियमितीकरण की मांग को लेकर दी चुनाव बहिष्कार और विधानसभा घेराव की चेतावनी।

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झल्लारा/सलूंबर। राजस्थान के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (मनरेगा) में कार्यरत हज़ारों संविदा कार्मिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पिछले 15 वर्षों से राज्य के ग्रामीण विकास में निरंतर सेवाएँ दे रहे इन कर्मचारियों को पिछले 3 महीनों (अप्रैल, मई और जून 2026) का मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके समक्ष गहरा आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है। बुधवार (05 अगस्त 2026) को VB-G RAM G (नरेगा) कार्मिक संघ, राजस्थान की जिला शाखा सलूम्बर द्वारा विकास अधिकारी (पंचायत समिति सलूम्बर) के मार्फत मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री और शासन सचिव को ज्ञापन सौंपे गए।
नए स्कूल सत्र में बच्चों की फीस, किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के समय मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के बच्चों को स्कूलों से निकाले जाने की नौबत आ गई है। घर चलाने और दवा-राशन के लिए कर्मचारियों को रिश्तेदारों व दुकानदारों से कर्ज लेना पड़ रहा है। उधर, नए VB-G RAM G पोर्टल और बजट आवंटन के नाम पर यह कहा जा रहा है कि मानदेय का भुगतान जुलाई 2026 से ही संभव होगा। ऐसे में कार्मिकों का कहना है कि पोर्टल या सॉफ्टवेयर लागू होने के नाम पर उनके पिछले तीन महीनों के मानदेय को रोकना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अमानवीय है।
दूसरी ओर, नरेगा में 9 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग में 4,966 नियमित पदों का सृजन कर प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है। कर्मचारियों के दस्तावेजों का सत्यापन और बजट हेड का निर्धारण भी पूरा कर लिया गया है। कार्मिक व वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बावजूद, सेवा नियमों की पत्रावली विगत एक वर्ष से विधि विभाग (Law Department) द्वारा बार-बार आक्षेप लगाने के कारण अटका कर रखी गई है।
कार्मिक संघ ने सरकार से मांग की है कि पिछले 3 माह (अप्रैल, मई, जून 2026) का बकाया मानदेय अगले 7 कार्यदिवसों के भीतर प्रशासनिक या वैकल्पिक मद से एकमुश्त जारी किया जाए। साथ ही नए VB-G RAM G पोर्टल में मैपिंग व संशोधन कर अप्रैल 2026 से ही मानदेय रिलीज करने की व्यवस्था की जाए और हर महीने की 1 से 5 तारीख के भीतर वेतन भुगतान की स्थायी व्यवस्था बने। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी पंचायती राज चुनाव से पूर्व सेवा नियमों का अनुमोदन कर नियमित नियुक्ति नहीं दी गई और बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ, तो राज्य के समस्त नरेगा कार्मिक पंचायती राज चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और आगामी विधानसभा सत्र के दौरान जयपुर में विधानसभा का विशाल घेराव करेंगे।
मनरेगा व ग्रामीण विकास संविदा कार्मिकों का आक्रोश: 3 माह से मानदेय ठप, नियमितीकरण की मांग को लेकर दी चुनाव बहिष्कार और विधानसभा घेराव की चेतावनी।

संवाददाता नाथूलाल सालवी

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