झरमाल स्कूल में 300 बच्चों के लिए एक ही कक्ष! शिक्षक भी कम, ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांगी व्यवस्था

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सलूंबर। झरमाल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा-कक्षों और शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। विद्यालय में कक्षा 1 से 12वीं तक करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन उपलब्ध भवन और शिक्षकीय संसाधन विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त नहीं हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर विद्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में कुल तीन कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं। इनमें से एक का उपयोग कार्यालय और दूसरे का स्टोर के रूप में किया जा रहा है। ऐसे में करीब 300 विद्यार्थियों के लिए प्रभावी रूप से केवल एक कक्ष ही अध्ययन के लिए उपलब्ध रह जाता है। कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए यह व्यवस्था बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

हिंदी, अंग्रेजी और विज्ञान के शिक्षक नहीं

विद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर सबसे बड़ी चिंता विषयवार शिक्षकों की कमी को लेकर है। ग्रामीणों ने बताया कि माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक मार्गदर्शन भी नहीं मिल पा रहा है।
12वीं तक स्कूल, लेकिन प्राध्यापक पदों की कमी
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय कक्षा 12वीं तक संचालित हो रहा है, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर की आवश्यकताओं के अनुरूप विषयवार प्राध्यापक पदों की पर्याप्त स्वीकृति नहीं है। इससे उच्च कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

कक्षा-कक्ष बढ़ाने और पद स्वीकृत करने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से विद्यालय में पर्याप्त नए कक्षा-कक्ष उपलब्ध करवाने, मूल विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति करने तथा उच्च माध्यमिक स्तर के लिए आवश्यक विषयवार प्राध्यापक पद सृजित एवं स्वीकृत करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि गांव के बच्चों की पढ़ाई संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित न हो।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करेगा और विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप भवन एवं शिक्षकीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

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