उपजाऊ खेतों को चीरकर रास्ता निकालने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन लकापा गांव के किसानों ने कहा—रास्ता निकालने में नियमों की अनदेखी, पुराने नक्शे वाले मार्ग से ही हो सर्वे
सलूंबर। ग्राम पंचायत अदकालिया के लकापा गांव के ग्रामीणों ने किसानों की भूमि से निकाले जा रहे रास्ते को लेकर शुक्रवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित रास्ता निर्धारित एवं पुराने नक्शे के अनुरूप नहीं निकाला जा रहा है, बल्कि उपजाऊ कृषि भूमि के बीच से आड़ा-तिरछा रास्ता निकाले जाने से किसानों की खेती प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान से वर्तमान में रास्ता निकाला जा रहा है, वहां पूर्व में राजस्व नक्शे में रास्ता दर्ज नहीं था। उनका आरोप है कि नक्शे में दर्ज पुराने रास्ते को छोड़कर किसानों की उपजाऊ जमीन से नया मार्ग निकाला जा रहा है। इससे किसानों की खेती योग्य भूमि के टुकड़े होने के साथ फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
बंजर भूमि से रास्ता निकालने पर नहीं आपत्ति
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें गांव के विकास और रास्ते के निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि गांव में अन्य भूमि बंजर पड़ी है और यदि नियमानुसार सर्वे कर उस भूमि से रास्ता निकाला जाता है तो किसानों को कोई आपत्ति नहीं होगी। विरोध केवल इस बात को लेकर है कि उपजाऊ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाकर रास्ता निकाला जा रहा है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कुछ भूमाफिया एवं प्रॉपर्टी कारोबारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी किसान की जमीन को प्रभावित करने से पहले राजस्व रिकॉर्ड, पुराने नक्शे और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाना चाहिए।
ग्राम के बुजुर्गों की मौजूदगी में उठी आवाज
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले का दोबारा विधिवत सर्वे कराया जाए। सर्वे के दौरान गांव के प्रमुख गड्ढा गमेती एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों को भी साथ रखा जाए, ताकि मौके की वास्तविक स्थिति प्रशासन के सामने स्पष्ट हो सके और किसी किसान के साथ अन्याय न हो।
ग्रामीणों ने कहा कि रास्ता गांव के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन उसका निर्धारण न्यायपूर्ण, नियमसम्मत और किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। प्रशासन से पुराने राजस्व नक्शे के आधार पर मार्ग की जांच कर उचित निर्णय लेने की मांग की गई।
ज्ञापन देने के दौरान कैसा जी दायमा, प्रताप जी दायमा, आदिवासी जगदीश दायमा, माना जी दायमा, वेला जी दायमा, खुमा जी दायमा, कचरू भाई दायमा, आदिवासी जगदीश भाई दायमा, ऊदल लाल जी दायमा, दयाराम जी दायमा, नारायण जी निनामा, तुलसी राम जी, कालू भाई दायमा, कन्हैया लाल जी दायमा, विमल दायमा, लक्ष्मण दायमा सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
पुराने राजस्व नक्शे में दर्ज रास्ते की मौके पर जांच की जाए।वर्तमान प्रस्तावित मार्ग का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।उपजाऊ कृषि भूमि को अनावश्यक नुकसान से बचाया जाए।गांव के प्रमुख ग्रामीण प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मौके की वास्तविक स्थिति देखी जाए।किसी भी व्यक्ति विशेष के हित के बजाय सार्वजनिक एवं किसान हित को प्राथमिकता दी जाए।