सलूम्बर. जिलें के चिकित्सा विभाग में कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा प्लेसमेंट एजेंसी मातृ दर्शन शिक्षा समिति उदयपुर के खिलाफ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिलें में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा
योजना अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मी कंप्यूटर ऑपरेटर ने संविदा नियम 2022 में नियुक्ति प्रदान करने व अल्प मानदेय 8500 को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी संपत लाल मीणा को कंप्यूटर ऑपरेटर (मैन विद मशीन) के पद पर प्लेसमेंट एजेंसी मातृ दर्शन शिक्षा समिति उदयपुर के माध्यम से सीएचसी झल्लारा पीएचसी बरोडा सराडी ओरवाडिया पर कार्यरत है। इसी प्लेसमेंट एजेंसी मातृ दर्शन द्वारा समय पर मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा है । ईएसआई एवं ईपीएफ की राशि खाता में जमा नहीं कराई जाने से कंप्यूटर ऑपरेटर में मायूसी का मातम है। कई कंप्यूटर ऑपरेटर इसी अल्प वेतन पर आधारित है जिससे उनके घर का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि इतना काम करने के बावजूद अल्प मानदेय होने व संविदा नियम 2022 में शामिल नहीं करने की वजह से कई साथी आर्थिक तंगी से परेशान है और आत्महत्या जैसी स्थिति में आ रहे हैं। इससे जिला के समस्त संविदा (मशीन विद मय कंप्यूटर) ऑपरेटर में रोष व्याप्त हैं। जिले को लेकर दो सुत्रीय मांग का ज्ञापन सोंपा गया। ज्ञापन सौंपने में सीएचसी झल्लारा हर्षित जोशी पीएचसी बरोडा कैलाश कुमार बुनकर सराडी व ओरवाडिया पीएचसी से हरीश कुमार शर्मा व नवीन कुमार मौजूद रहें।
हमारा वेतन ब्लॉक से ईपीएफ के साथ ही बिल बनाया जाता है ,लेकिन प्लेसमेंट एजेंसी ने विगत 12 माह के वेतन का ईपीएफ ना तो कंप्यूटर ऑपरेटर के खाते में जमा हुआ है और ईपीएफ की ब्लॉक कार्यालय को रसीद भेज दी गई है जबकि राशि हमारे खाते में नहीं आई है ।अभी भी 4 माह के बिल में ईपीएफ के बिल भेजे गए हैं वह भी खाते में जीरो बैलेंस बता रहा है। हर्षित जोशी कंप्यूटर ऑपरेटर सीएचसी झल्लारा कहा कि इस प्लेसमेंट एजेंसी से हमें वेतन प्राप्ति के प्रति कई दिक्कतें आ रही है। मातृ दर्शन शिक्षा समिति के प्रबंधक को दूरभाष पर संपर्क करते हैं तो कभी भी फोन रिसीव नहीं करते हैं। हमारा सलूंबर जिला बन गया है ब्लॉक कार्यालय से अपील करते हैं कि हमारे स्थानीय जिले से ही प्लेसमेंट एजेंसी से जोड़ा जाए।यह जानकारी हरीश शर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर पीएचसी ओरवाडिया ने दी।