नन्दी महाराज की रक्षा पर ग्वाल शक्ति सेना-युवा गौ रक्षा दल ने जिलास्तरीय जन सुनवाई में सौंपा ज्ञापन

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 सलूम्बर। ग्वाल शक्ति सेना एवं युवा गौ रक्षा दल द्वारा जिला स्तरीय जन सुनवाई में जिला कलेक्टर अवधेश मीणा को माननीय मुख्यमंत्रीजी के नाम गोतस्करों को गोवंश के परिवहन की नियमों के विपरीत दी गई स्वीकृति की जांच करने हेतु ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में

प्रसगांनुसार गृह (ग्रुप-5) विभाग जयपुर का पत्र क्रमांक / पर 9 (1) गृह-5/2025 जयपुर दिनांक 27.03.25 के क्रम में। और दिनांक 13 अप्रैल 2025 को बांसवाड़ा ज़िले में घटित 388 गोवंशों की अवैध तस्करी की घटना, पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक

04.05.2015 की पूर्ण अवहेलना के संबंध में है ग्वाल शक्ति सेना के प्रतिनिधि ऋतुराज ने बताया कि दिनांक 13.04.2025 को नागौर जिले से लगभग 388 बैलों को 52 ट्रक/ पिकअप वाहनों के माध्यम से अवैध रूप से राज्य के बाहर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। यह ट्रक नागौरी नस्ल सहित विभिन्न गोवंश से भरे हुए थे तथा ट्रक पुरी तरह से त्रिपाल से बंद किये हुए थे इस तस्करी की सूचना मिलने पर ग्वाल शक्ति सेना व गोपाल परिवार संघ और GRCF, वागड़ बने वृन्दावन व अन्य सभी गो सेवा सगठनों, गौरक्षा दलों, गोसेवको द्वारा मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों नीमच, मंदसौर और रतलाम में उन्हें रोका गया।जब यह पता चला कि तस्कर नीमच के रास्ते तस्करी नहीं कर पा रहे हैं, तो उन ट्रकों को वापस राजस्थान में बांसवाड़ा ज़िले के माध्यम से निकालने का प्रयास किया गया। वहां भी पुलिस द्वारा दानपुर मध्यप्रदेश बोर्डर तक पुलिस संरक्षण में ट्रक ले जाये गए परन्तु बोर्डर पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा उन्हें प्रवेश नही दिया गया जिस कारण गौवंश से भरे हुए ट्रक वापस बाँसवाड़ा की ओर आने लगे जहा पर सभी गो सेवा सगठनों व स्थानीय गौरक्षा कार्यकर्ताओं ने इन ट्रकों को रोकने का कार्य किया और तत्काल संबंधित थाने व जिला प्रशासन को सूचित किया। जिस पर पुलिस द्वारा गौ रक्षा में लगे कार्यकर्ताओ के विरोध को देखते हुए जिले की विभिन्न गौशालाओं में गौवंश को ट्रको से पहुंचाया जहाँ उन्हें ट्रक के तिरपाल को हटा कर उतारा गया तो सभी ट्रक में पशु क्रूरता की पराकाष्ठा हो अमानवीय तरीके से एक एक ट्रक में 10-12 गौवंश पशु ठूस-ठूस कर भरे हुए थे जिसमें दो बेल मृत अवस्था में पाए गए तथा अधिकांश घायल अवस्था में उतारे गए। ईलाज के दोरान एक बेल की तलवाडा गौशाला में मृत्यु हो गई है उक्त सभी ट्रक में गौवंश के भोजन-पानी लिए किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। दल द्वारा मांग के अनुसार 1.शेष 50 ट्रकों पर तत्काल FIR दर्ज कर पशु तस्करों को गिरफ्तार किया जाए और उनके विरुद्ध कठोर क़ानूनी कार्यवाही निम्न कानून व धाराओ में की जावें धारा 325 BNS, धारा 11 (घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, धारा 3, 5, 6, 6(क), 8, 9 एवं 10 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 1995, नियम 47 (क), 47 (ख), 48, 49 (क), 49 (ख), 50, 51 (Ф), 52, 53, 54(1), 54(2), 54(3), 56 और नियम 96 व 98 पशु परिवहन नियम 1978 एवं 2. बांसवाड़ा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर विभागीय एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाए। साथ ही 3. राज्य स्तर पर एक विशेष जाच समिति (SIT) गठित कर पुरे पशु तस्करी गिरोह की गहन जांच की जाए। और 4. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

रिपोर्टर नारायण सेन

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