
से ग्रसित थे जिसकी दोनों किडनियां फेल हो गई। जीने की आशंका खत्म हो गई थी। हॉस्पिटल में डॉक्टर द्वारा सेवा करने का आश्वासन दिया जबकि उम्र में लगभग 30 वर्ष है जिसके वारिसान पत्नी और तीन बच्चे है जो बच्चे नादान है। तत्पश्चात पिता प्रभुलाल ने हौसला बुलंद रखा और ज़िदंगी ओर मौत के बीच खड़े होकर अपनी हिम्मत से एक किडनी ट्रांसफर करने का निश्चय किया। किडनी ट्रांसफर हॉस्पिलट खर्च लगभग 10 लाख रुपए बताया गया। इधर नारायण की आर्थिक स्थिति कमजोर थी जो इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ था। तब ही सर्व समाजों द्वारा आर्थिक सहयोग की अपेक्षा की। जिस पर सर्व समाज द्वारा स्वैच्छिक अंशदान किया गया। फिर नारायण को अहमदाबाद भर्ती करवाया। लेबोरेट्री टेस्ट करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई ओर पिता द्वारा अपनी एक किडनी नारायण को ट्रांसफर की। वर्तमान में पिता और पुत्र दोनों स्वस्थ है और नारायण को नया जीवन मिला।WhatsApp us