साहित्य परिषद द्वारा काव्य गोष्ठी आयोजित

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प्रतापगढ़ /अखिल भारतीय साहित्य परिषद प्रतापगढ़ द्वारा साहित्य परिषद के सदस्य साहित्यकार एवं कवि चंद्र प्रकाश द्विवेदी के जन्मदिन के उपलक्ष में उनके निवास स्थान पर एक सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया l जिसमें मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ से पधारे साहित्यकार कवि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अमृत ‘वाणी’ थे । अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश’सूरज’ ने की । साहित्य परिषद के साहित्यकारों कवियों ने चंद्र प्रकाश द्विवेदी को फूलमाला पहनाकर तथा द्विवेदीजी द्वारा अपनी धर्मपत्नी को फूल माला पहनाकर अभिनंदन किया गया। साहित्य परिषद द्वारा राधा कृष्ण की सुंदर तस्वीर भेंटकर उनके जन्मदिन के उपलक्ष में बधाई दी गई l साथ ही साहित्य परिषद की सदस्य अलका सोलंकी को भी उनके द्वारा पूर्व में मनाये गये जन्मदिन के उपलक्ष में पुष्प गुच्छ तथा राधा कृष्ण की सुंदर तस्वीर भेंटकर उनका भी सम्मान किया गया l
अर्जन सर्जन की ओर से सम्पादक चन्द्रशेखर मेहता ने चन्द्रप्रकाश द्विवेदी को प्रशस्ति-पत्र देकर, ऊपरणा ओढ़ा कर पुस्तक भेट कर सम्मानित किया !
अर्जन- सर्जन द्वारा
अमृतवाणी और अलका सोलंकी को भी
ऊपरना ओढ़ा कर स्वागत किया lकार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती को धूप बत्ती एवं पुष्पमाला चढाकर वंदना की गई l मां सरस्वती की वंदना भंवर कुमावत भंवर ने प्रस्तुत की l मुख्य अतिथि अमृत ‘वाणी’ ने अपने द्वारा लिखी सांवरियाजी चालीसा पुस्तक सभी कवियों को भेंट की l तथा उनके ही द्वारा लिखी गई राम चालीसा का भी सस्वर पाठ किया गया l अध्यक्षता कर रहे सुरेश ‘सूरज’ ने चंद्र प्रकाश द्विवेदी के ऊपर लिखी चार पंक्तियां प्रस्तुत की l बचपन से पचपन तक कैसे बीते यह साल, उतार चढ़ाव बहुत आए परंतु बीत गए सालों साल ,हिंदी साहित्य के ये कवि है छपी किताबें इनकी छवि है, इनका मन है पेंशन के बाद बहुत लिखूंगा पेंशन के रह गए हैं बस अब पांच साल, पांच साल । जन्मदिन मना रहे चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में घर पर पधारे सभी साहित्य प्रेमियों का अभिनंदन कर आभार व्यक्त किया । उपस्थित सभी साहित्यकारों को एक फोल्डर लेटर पेड व पेन भेंट किया l द्विवेदी जी ने कई रचनाएं प्रस्तुत की एक ऐसी ही सुंदर गीत की पंक्तियां – ‘साथ दो तुम अगर जीत लूं यह सफर’ प्रस्तुत की। भाई ललित द्विवेदी ने भी घर पर पधारे सभी कवियों एवं साहित्यकारों का आभार प्रकट किया । काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों ने अपने अंदाज में सुंदर रचनाएं प्रस्तुत की l जिसमें चन्द्रशेखर मेहता “आजाद” ने कहा –श्री से संपन्न है, ज्यो चन्द्र हो आकाश…lआशु कवि है,…ज्यो साहित्य का प्रकाश.इसके बाद आजाद ने व्यंग्य की रचनाए सुनाई वरिष्ठ कवि कैलाश राव रसिक, सुरेंद्र सुमन, कुंवर प्रताप, राजेंद्र जोशी, धनपाल धमाका, लोकेंद्र सिंह चुंडावत,मनीष त्रिवेदी, हरि ओम हरपल, विशाल सालवी विशाल, जितेंद्र टेलर, कवित्री अलका सोलंकी, चंद्रप्रकाश गहलोत, हीरालाल मीणा, एवं व्याख्याता उपस्थित रहे। मंच का सरस सफल ओजस्वी कविताओं के साथ संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के महामंत्री सचिव कुंवर प्रताप ने किया ये जानकारी सुरेश सूरज’जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने दी l

रिपोर्टर चंद्रशेखर मेंहता

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