
28 तारीख को सवंतसरी प्रतिक्रमण के रूप में मनाया गया। इस दिन सभी को मिच्छामी दुक्कडम कहा जाता है। इसे दशलक्षण पर्व भी कहते हैं। जैन धर्म के अनुसार मिच्छामी का अर्थ क्षमा और दुक्कड़म का अर्थ गलतियों से है। पर्युषण महापर्व जैन
धर्मावलंबियों में आत्म शुद्धि का महापर्व है। इस तरह पर्यूषण पर्व आत्म शुद्धि के साथ मनोमालिन्य दूर करने तथा सभी से क्षमा याचना मांगने का शुभ अवसर प्रदान करने वाला त्यौहार है। समाजसेवी संतोष शाह ने बताया कि यह पर्व 8 दिन तक चलता है जो आज पूरे गांव में बैंड के साथ मुख्य मार्गो से जुलूस निकाला गया। और मंदिर परिसर में मिठाइयां बांटकर एक दूसरे के मुंह मीठा किया।WhatsApp us