
आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की विशेषज्ञ प्रशिक्षक सुश्री शीलाजी के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम में प्रज्ञा टीम के सदस्य गुलशन कुमार, अंकित शारदा, लीला राम , शेतुमा और लक्ष्मी व धीरेन्द्र जी सहयोग कर रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से प्राकृतिक अगरबत्ती और मोमबत्ती बनाने की तकनीक सिखाना है। प्रतिभागियों को सुगंध मिश्रण, पैकेजिंग और उद्यमिता से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है ताकि वे घर-आधारित स्थायी आजीविका स्थापित कर सकें। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि कौशल निर्माण के साथ-साथ महिलाओं को बाजार तक पहुँच, लागत नियोजन और बिक्री रणनीतियों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी छोटे पैमाने पर उत्पादन कर स्थानीय बाजारों और त्योहारों की बढ़ती मांग को पूरा कर सकेंगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।WhatsApp us