मा दुर्गा का इस पर श्रद्धालुओं ने विधिपूर्वक हवन आयोजन किया और मां महागौरी से सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। खासकर स्थानीय मंदिरों में अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजनके बाद हवनका आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में
श्रद्धालुओं ने भाग लिया। चारों ओर जय माता दी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन यज्ञ संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने आहुति
देकर मां दुर्गा से अपने जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। साथ ही, महिलाओं और बच्चों ने भी इस हवन में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अष्टमी तिथि को मां दुर्गा के महागौरी स्वरूपकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां महागौरी की उपासना से सभी कष्टों का
निवारण होता है और घर में शांति का वास होता है।कई स्थानों पर सामूहिक हवन और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिसमें नवयुवक मंडल नौली व ग्राम वासी मौजूद रहे और युवा मंडल के द्वारा बालिकाओ का पूजन कर भोजन करवाया व अष्टमी की महाआरती और छोटे बालक बालिकाओं को गरबा मंडल में अनुशासन और अच्छा प्रदसन करने पर खाने की प्लेट गिफ्ट की ओर अष्टमी पर जमकर गरबा खेला गयाWhatsApp us