निर्वाचन आयोग ने 2002/2003 की मतदाता सूची के बाद जोड़े गए नामों की पात्रता की अनिवार्य जाँच के निर्देश दिए हैं

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सलूंबर जिले के सेमारी मे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर को
निर्देश – 2002 के बाद जुड़े नामों की जाँच अनिवार्य है सलूंबर जिले के सेमारी मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग इलेक्शन कमिश्नर ऑफ इंडिया द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत विधानसभा मास्टर ट्रेनर व सुपरवाइजर पंकज कलाल (BLO) जितेंद्र सिंह शक्तावत हिम्मत कुमार खटीक सहायक blo सेमारी के भाग संख्या 297 मे निर्वाचन विभाग के दिशानिर्देश अनुसार कार्य को पूर्ण कर रहे है।बूथ लेवल ऑफिसर निर्वाचन आयोग का एक स्थानीय प्रतिनिधि होता है जो मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं को जोड़ने में सीधे तौर पर सहायक होता है।
वह अपने आवंटित मतदान केंद्र क्षेत्र सेमारी के वार्ड नंबर 2 और 3 में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करता है।
2002 की सूची और नए निर्देश
निर्वाचन आयोग ने 2002/2003 की मतदाता सूची के बाद जोड़े गए नामों की पात्रता की अनिवार्य जाँच कर सुनिश्चित करना कि मतदाता सूची में कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो और किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम छूट न जाए। साथ ही दोहरी प्रविष्टि एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक जगह होना तो उसे बूथ लेवल ऑफिसर अपने संबंधित क्षेत्र के उन सभी मतदाताओं के विवरण का मिलान करता हे जिनका नाम 2002-2003 के अंतिम गहन पुनरीक्षण के बाद पहली बार मतदाता सूची में जोड़ा गया है।इस जाँच के दौरान BLO को यह सत्यापित करना होगा कि ये मतदाता पात्र हैं और उनका नाम देश में कहीं और तो नहीं है इसके अलावा, BLO को घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने और मतदाताओं की सहायता करने के भी निर्देश दिए गए हैं।विवाद और पारदर्शिता यह मामला कुछ राज्यों, जैसे पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में चर्चा में आया जहाँ यह पता चला कि कुछ BLO के नाम या उनके माता-पिता के नाम भी कथित तौर पर 2002 की मतदाता सूची में शामिल नहीं थे। प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। इन निर्देशों का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।

रिपोर्टर जितेन्द्र पंचोली

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