सलूंबर जिले को मिला साइबर पुलिस थाना
ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया और बैंकिंग फ्रॉड पर होगी सख्त कार्रवाई
सलूंबर। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में सलूंबर जिले को बड़ी सौगात मिली है। जिले में साइबर पुलिस थाना का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह साइबर थाना पंचायत समिति सलूंबर कार्यालय के पीछे स्थापित किया गया है।
नवीन साइबर पुलिस थाना का औपचारिक उद्घाटन जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह थाना आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और समयोचित कदम है। अब ऑनलाइन ठगी, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
राज्य सरकार की बजट घोषणा का परिणाम
साइबर पुलिस थाना की स्थापना राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 की क्रियान्विति के तहत की गई है।
गृह विभाग राजस्थान सरकार एवं पुलिस मुख्यालय जयपुर से प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सलूंबर जिले में साइबर थाना स्थापित किया गया। आवश्यक पदों व संसाधनों की स्वीकृति उपरांत 27 सितंबर 2025 को साइबर थाना सृजित किया गया था, जिसका अब विधिवत शुभारंभ किया गया।
इन साइबर अपराधों पर रहेगा विशेष फोकस
नवीन साइबर पुलिस थाना के माध्यम से—
ऑनलाइन ठगी
सोशल मीडिया से जुड़े अपराध
बैंकिंग व डिजिटल भुगतान फ्रॉड
फर्जी कॉल, लिंक व ओटीपी से होने वाली धोखाधड़ी
जैसे मामलों में त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
डिजिटल सुरक्षा की दिशा में अहम उपलब्धि
सलूंबर जिले में साइबर पुलिस थाना की शुरुआत को डिजिटल युग में कानून व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि आमजन में डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन सेवाओं को लेकर भरोसा भी बढ़ेगा।