निर्माण की कीमत चुकाई मजदूरों ने, एनिकट हादसे में दो की मौत

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सलूम्बर जिले की ईसरवास ग्राम पंचायत के अंतर्गत मानपुरा क्षेत्र में निर्माणाधीन एनिकट कार्य के दौरान बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। एनिकट निर्माण कार्य अचानक ढह जाने से एक ही गांव के दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के समीप जोधसागर तालाब से आगे मानपुरा क्षेत्र में एनिकट का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन ढांचा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वहां कार्यरत पांच मजदूर सीमेंट और पत्थरों के भारी मलबे में दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही सलूम्बर थानाधिकारी हेमन्त चौहान पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और अन्य मजदूरों की मदद से मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय सलूम्बर पहुंचाया गया।
जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान
प्रभु पुत्र माना मीणा (उम्र 45 वर्ष)
एवं
कचरा पुत्र लालू मीणा (उम्र 32 वर्ष)
की मौत हो गई।
वहीं हादसे में
थावरा पुत्र रूपा मीणा (45 वर्ष),
गौतम पुत्र लालू मीणा (50 वर्ष)
तथा
प्रभु पुत्र माना मीणा (45 वर्ष)
गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है।
बताया गया कि सभी मजदूर लाम्बी डूंगरी पंचायत के जेतेला फला, थाना झल्लारा के निवासी हैं। मृतक मजदूरों के शव जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाए गए हैं।
हादसे की सूचना पर जिला कलेक्टर अवधेश मीना, जिला पुलिस अधीक्षक राजेंश कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला, डिप्टी एसपी हेरम्भ जोशी एवं तहसीलदार डॉ. मयूर शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
इधर, हादसे के बाद एनिकट निर्माण को लेकर जिम्मेदारी का मामला उलझता नजर आया।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रतीक चौधरी और जल ग्रहण योजना के अधिशाषी अभियंता रतन सिंह भाटी ने उक्त एनिकट निर्माण कार्य को अपने-अपने विभाग का नहीं होना बताया।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है, वहीं इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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