प्रतापगढ़ आलोक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिरणमगरी में आज रचनात्मकता और पर्यावरण जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय की छात्राओं ने पुराने अखबारी रद्दी कागज को रंगों और कल्पनाशीलता से सजाकर विभिन्न आकर्षक आकृतियों में ढालते हुए सुंदर सजावट सामग्रियों का निर्माण किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित “खबरों से सजावट तक” नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने किया। उन्होंने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “रद्दी कागज का इस प्रकार सृजनात्मक उपयोग न केवल प्रतिभा को निखारता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्रेरक कदम है।”
प्रदर्शनी में करीब 32 विद्यार्थियों ने भाग लेकर अपनी कलात्मक अभिव्यक्तियाँ प्रस्तुत कीं। छात्राओं द्वारा निर्मित सजावटी वस्तुओं में वॉल हैंगिंग, पेपर फ्लावर, लैंप शेड्स और अन्य हस्तनिर्मित आकर्षण विशेष रहे।
विद्यालय प्राचार्य शशांक टांक, एसोसिएट प्रशासक प्रतीक कुमावत ने बताया कि इस तरह की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सतत विकास के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक सिद्ध होती हैं।