सेमारी डंपिंग यार्ड बना गोवंश के लिए डेथ ट्रैप’ प्लास्टिक खाने से तड़प कर मर गई एक गायें

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सलूंबर जिले के ​सेमारी स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और कचरा प्रबंधन की कमी अब बेजुबान पशुओं की जान पर भारी पड़ रही है सेमारी क्षेत्र के डंपिंग यार्ड से आई ताजा तस्वीरों ने सबको झकझोर कर रख दिया है जहाँ कई गायें कचरे के ढेर में फंसे प्लास्टिक और पॉलिथीन को खाकर बीमार हालत में देखने को मिली हैं ​​ग्रामीणों के अनुसार डंपिंग यार्ड में सेमारी गांव का कचरा खुले में फेंका जा रहा है चारे की तलाश में यहाँ आने वाली गायें अनजाने में कचरे के साथ भारी मात्रा में प्लास्टिक और जहरीला अपशिष्ट निगल रही हैं ​हालत नाजुक डंपिंग यार्ड में एक गाय अत्यंत गंभीर अवस्था में पड़ी मिली जिसके पेट में प्लास्टिक जमा होने के कारण वह चलने-फिरने में भी असमर्थ है
​प्रशासनिक अनदेखी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद डंपिंग यार्ड की घेराबंदी नहीं की गई है और न ही कचरे के निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था है ​ग्रामीणों में गहरा रोष
​गौभक्तों और स्थानीय निवासियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एक तरफ हम गाय को ‘माता’ मानते हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें कचरे के ढेर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डंपिंग यार्ड की सफाई और बीमार गायों के इलाज की व्यवस्था नहीं की गई प्लास्टिक पशुओं के पाचन तंत्र को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है यह एक धीमी और दर्दनाक मौत है प्रशासन को तुरंत यहाँ फेंसिंग करवानी चाहिए ताकि पशु अंदर न जा सकें स्थानीय ग्रामीण
​मुख्य मांगें ​बीमार गायों का तुरंत पशु चिकित्सकों द्वारा इलाज करवाया जाए ​डंपिंग यार्ड के चारों ओर बाउंड्री वॉल या जाली लगाई जाए ​प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण के लिए सख्त नियम लागू हों *सेमारी ग्राम विकास अधिकारी हेमन्त कुमार मीणा* ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा तहसील कार्यालय मे डंपिग यार्ड बनाने के लिए जमीन आवंटन के लिए पत्र दे रखा है जैसे ही जमीन आवंटित होते ही तुरंत काम चालू कर दिया जाएगा

रिपोर्टर जितेन्द्र पंचोली

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