संघ शताब्दी वर्ष पर विद्या निकेतन में गूंजे राष्ट्रभाव के स्वर प्रेरक विचार गोष्ठी में हेडगेवार के जीवन व संगठन की भूमिका पर हुआ मंथन

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सलूंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या निकेतन विद्यालय में एक प्रेरणादायी विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संघ के इतिहास, विचारधारा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम विद्या भारती संस्थान, उदयपुर की योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ, जिससे परिसर में आध्यात्मिक और सकारात्मक वातावरण बना। गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष लीलाधर त्रिवेदी ने अपने विचार व्यक्त किए, जबकि अध्यक्षता कृष्णकांत पानेरी ने की। कार्यक्रम में समिति सदस्य, पूर्व छात्र एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी रही।
वक्ताओं ने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके राष्ट्र समर्पण को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने संगठन की मजबूत नींव रखी। संघ की कार्यशैली, अनुशासन और संस्कार निर्माण की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया।
इस दौरान अंग्रेजी शासन काल में संघ की गतिविधियों और स्वयंसेवकों की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। ‘पंच परिवर्तन’ जैसे विषयों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था प्रधान लव दवे ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत विजय व्यास एवं जिनेश शाह ने किया। अंत में मीना सकरावत ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
गोष्ठी के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र सेवा और सामाजिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला।

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