सलूंबर। मेवाड़ की वीरांगना हाड़ारानी के शौर्य और बलिदान को स्थायी पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा 2026-27 के तहत सलूंबर नगर परिषद क्षेत्र में हाड़ारानी पैनोरमा के निर्माण के लिए 6634 वर्गमीटर भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराने को स्वीकृति मिल गई है। इससे लंबे समय से प्रतीक्षित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता साफ हो गया है।
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार नगर परिषद के प्रस्ताव और विभागीय परीक्षण के बाद राजस्व ग्राम लकापा के खसरा संख्या 290 से निर्धारित भूमि पैनोरमा निर्माण के लिए आवंटित की गई है। विभाग ने निर्माण कार्य के दौरान पहुंच मार्ग, मूलभूत सुविधाओं और आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रस्तावित पैनोरमा में वीरांगना हाड़ारानी के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान की गाथा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। डिजिटल डिस्प्ले, चित्र दीर्घाओं और ऐतिहासिक प्रस्तुतीकरण के जरिए आगंतुकों को मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैनोरमा बनने के बाद सलूंबर पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा। इससे देश-प्रदेश से पर्यटकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की आवाजाही बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। होटल, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
राज्य सरकार के इस निर्णय को मेवाड़ की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संवर्धन की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए इसे जिले के विकास और गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक कदम बताया है।