गांव के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान, चावंड में ग्राम संकुल की बैठक

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सलूंबर। राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद् जिला सलूंबर के महाराणा प्रताप चावंड संकुल की बैठक सोमवार को महाराणा प्रताप आश्रम, चावंड में आयोजित हुई। बैठक में सिलाई केंद्र तथा ग्राम संकुल के 10 गांवों के प्रमुख एवं सह प्रमुखों ने भाग लिया। बैठक में ग्राम विकास से जुड़े विषयों पर मंथन करते हुए गांवों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
बैठक अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख बिंदेश्वर साहू, अखिल भारतीय सह ग्राम विकास प्रमुख डॉ. राधिका लड्ढा, प्रांत ग्राम विकास प्रमुख चतुर्भुज मीणा एवं प्रदेश मंत्री रमेश गर्ग के सानिध्य में हुई।

हर गांव में समिति गठन और नियमित बैठकों पर जोर

प्रांत ग्राम विकास प्रमुख चतुर्भुज मीणा ने कहा कि ग्राम संकुल से जुड़े सभी 10 गांवों में समितियों का गठन कर नियमित बैठकों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। गांव के विकास और उत्थान को लेकर सभी लोगों में एकमत और सहयोग की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सहभागिता से ही विकास कार्यों को स्थायी रूप दिया जा सकता है।

जल संरक्षण से लेकर जैविक खेती तक पर चर्चा

डॉ. राधिका लड्ढा ने वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना से लेकर अब तक जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आश्रम विभिन्न आयामों के माध्यम से समाज के विकास के लिए कार्यरत है, जिसमें ग्राम विकास भी प्रमुख आयाम है। इसके तहत चेकडैम निर्माण, कुओं को गहरा करना, वर्षा जल संचयन के लिए गड्ढे तैयार करना तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने जैसे कार्य किए जा सकते हैं।

परंपरागत कृषि और पर्यावरण संरक्षण पर बल

अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख बिंदेश्वर साहू ने कहा कि गांव के विकास की पहली सीढ़ी मजबूत ग्राम समिति का गठन है। उन्होंने ग्रामीणों से परंपरागत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में पेड़-पौधों की संख्या अधिक थी, लेकिन लगातार कमी के कारण पर्यावरण पर असर पड़ा है और वर्षा की स्थिति भी प्रभावित हुई है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधरोपण और जल संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने पशुधन में कमी से दूध की उपलब्धता घटने तथा जैविक खाद की कमी जैसी समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इन क्षेत्रों में मिलकर प्रयास करें तो धीरे-धीरे गांव की अर्थव्यवस्था, कृषि और पर्यावरण में सुधार लाया जा सकता है।
बैठक में प्रांत श्रद्धा जागरण प्रमुख मदनलाल गर्ग, तहसील मंत्री दिनेश मीणा, धर्म नारायण, कृष्ण लाल, हकरा महाराज तथा जिला संगठन मंत्री हरीश अहारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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