राजसमंद। साहित्य और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने की दिशा में साकेत साहित्य संस्थान की ओर से जिला मुख्यालय पर नव पदस्थापित अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कसवां एवं उपखंड अधिकारी ओम प्रभा का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान संस्थान की साहित्यिक एवं जन-जागरूकता गतिविधियों से अधिकारियों को रूबरू कराया गया और उन्हें संस्थान की ओर से प्रकाशित 31 पुस्तकों का संग्रह भेंट किया गया
संस्था के सभाध्यक्ष दिनेश श्रीमाली ने बताया कि साकेत साहित्य संस्थान साहित्यिक गतिविधियों के साथ सामाजिक विषयों पर भी लगातार रचनात्मक कार्य कर रहा है। संस्थान की ओर से प्रशासन के साथ समन्वय रखते हुए जनहित से जुड़े मुद्दों को साहित्य और लेखन के माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
31पुस्तकों में जनजागरू कताका संदेश
संस्थान के उपाध्यक्ष नारायण सिंह राव ‘निराकार’ ने बताया कि अब तक समसामयिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर 31 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है। इनमें मतदान जागरूकता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम, सड़क सुरक्षा सहित डॉक्टर, ड्राइवर, पुलिस, शिक्षक और महाराणा राजसिंह जैसे विषयों को केंद्र में रखकर साहित्य का सृजन किया गया है।
महासचिव कमल अग्रवाल ने संस्थान के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि जिला मुख्यालय के साथ राजसमंद की सभी 12 तहसीलों तथा उदयपुर जिले में भी साकेत की शाखाएं साहित्यिक गतिविधियों को आगे बढ़ा रही हैं। पठन-पाठन, लेखन, रचनात्मक गतिविधियों और साहित्यिक आयोजनों के साथ नियमित गोष्ठियां भी आयोजित की जाती हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से साहित्यकारों एवं पाठकों को जोड़ने के लिए संस्थान के 15 व्हाट्सएप समूह संचालित हैं, जिनसे 7 हजार से अधिक पाठक सदस्य जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों ने सराहा साहित्य के जरिए जागरूकता का प्रयास
अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कसवां ने संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने मतदान जागरूकता एवं पर्यावरण जैसे विषयों पर साहित्य के माध्यम से संदेश पहुंचाने के प्रयासों के लिए संस्थान का आभार जताया।
उपखंड अधिकारी ओम प्रभा ने कहा कि छोटे जिले में इतने व्यापक स्तर पर साहित्यिक प्रकाशन, आयोजन और मासिक गोष्ठियों का संचालन सकारात्मक पहल है। उन्होंने ‘जल ही जीवन है’, डॉक्टर, ड्राइवर, पुलिस, प्लास्टिक मुक्ति और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों के माध्यम से जनजागरूकता पैदा करने के प्रयासों को उपयोगी बताया।
जिला मीडिया प्रभारी अन्नू राठौड़ ‘रुद्रांजली’ ने कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर राधेश्याम राणा, वरिष्ठ सलाहकार छगनलाल प्रजापत, गोष्ठी प्रभारी डॉ. संपतलाल रैगर, जिला साहित्य प्रमुख कुसुम अग्रवाल सहित संस्थान के अन्य सदस्य मौजूद रहे।









