

पद्धतियों के आधार पर एक्शन रिसर्च, फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन, चारा एवं फीड, पशु चिकित्सा देखभाल और एथनो-वेटरनरी (परंपरागत पशु चिकित्सा) विधियों पर भी संयुक्त कार्य किया जाएगा। यह सहयोग छोटे किसानों तक टिकाऊ पशुपालन तकनीकों और सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करेगा।इस कार्यक्रम में राजूवास से वाइस चासंलर डॉ मनोज दीक्षित, कुल सचिव प्रोफेसर हेमंत धड़ेच, डीन राजूवास नवानिया डॉ शिव शर्मा,डॉ दीपक शर्मा और उनकी टीम उपस्थित रहे व प्रदान संस्था से अनिफ खान,सुमीत कुमार और वत्सला देउपा उपस्थित रहें।WhatsApp us