

जिस के मन में सत्य है,उसे ईश्वरीय आनंद की प्राप्ति निश्चित है। ईश्वर का जो सत्य स्वरूप है, वही विश्व की उत्पत्ति का कारण है, जो मानव के तीनों ताप- दैहिक, दैविक, भौतिक ताप का विनाश करता है-ऐसे भगवान श्री कृष्ण को हम सब नमन करते हैं। महर्षि उत्तम स्वामी जी ने कहा- भागवत में नाम स्मरण का बड़ा महत्व बताया है l ईश्वर का नाम जिस के मन में है उसे ही ईश्वरीय आनंद की प्राप्ति होती है।
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