
स्वामीजी महाराज ने कहा- सांसारिक तप्त जीवन और अकाल मृत्यु से तप्त आत्माओं को यह एकमात्र भागवत कथा की ज्ञान गंगा ही सबको आध्यात्मिक शांति देती है। जीवन को सुखमय
और मृत्यु के बाद मुक्ति देने वाली ये कथा ही है। केवल्य ज्ञान देने वाला ये नारायण का नाम ही है। महर्षि उत्तम स्वामी जी ने गोकर्ण और धुंधुकारी के प्रसंग में ये अमृतवचन कहें। यदि आपके जीवन मे तनाव, कलह, विवाद है-परिवार में शांति नहीं है, यह अतृप्त आत्माओं के कारण है। उस जगह आप ईश्वर का नाम भजन करें। श्री भागवत कथा का पारायण करें। वो अतृप्तआत्माएँ शांत होगी। उनकी मुक्ति होगी। आपको सुखशांति मिलेगी। भागवत कथा जीवन मे भी और जीवन के बाद भी शांति और मुक्ति देने वाली है।


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