
भाषा में का विधिवत लोकार्पण संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव, डॉ. प्रदीप कुमावत जो इस पुस्तक के लेखक, चिंतक एवं शिक्षाविद हैं, ने गुरुदेव को यह कृति समर्पित की। डॉ. कुमावत द्वारा मेवाड़ी भाषा में रचित यह लघु पुस्तिका अब पाँच पुस्तकों के एक सुंदर उपहार-पैक के रूप में जनसामान्य तक पहुँचाने की दिशा में एक अभिनव प्रयास है। सत्य की सरल व्याख्या और सनातन परंपरा की जीवंत प्रस्तुति इस पुस्तक का वैशिष्ट्य है।
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