गंगा दशहरे पर गीता परायण गंगू कुंड के इतिहास का विवेचन व गायत्री अवतरण दिवस संपन्न

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 उदयपुर। गीता परायण गंगू कुंड के इतिहास का विवेचन व गायत्री अवतरण दिवस शहर के गंगू कुण्ड पर मनाया गया वृहस्पतिवार को गंगा दशहरे पर शहर के गीता परिवार द्वारा गंगु कुंड पर संपूर्ण गीता पाठ किया गया। कार्यक्रम संयोजक संपत लाल माहेश्वरी ने बताया विभिन्न संगठनो से भक्त उपस्थित हुए इस अवसर पर श्री मति पूर्णिमा व्यास ने गंगा जी व गायत्री पर अपनी स्वरचित मनोहारी रचना सुनाई। श्री गोविंददेव गिरी जी महाराज की शिष्या संतोष दीदी ने गंगा जी के धरती पर आने का कारण तथा आयड स्थित गंगु कुण्ड के यहाँ प्रकट होने का कारण बताया और यह भी बताया कि गंगु कुंड को गंगा जी का चौथा पाया क्यो कहा जाता हैं। राज परिवार उदयपुर की छत्रियों से कई वर्षों पूर्व भी यहाँ पर परम पवित्र गंगु कुंड यहाँ पर था ओर यहाँ गंगा जी की धार प्रकट हुई थी। आओ मंदिर चले अभियान के सदस्य, इस्कॉन् मन्दिर के प्रतिनिधि तथा गायत्री परिवार से साधक उपस्थित रहें। गीता प्रचारक गोपाल कनेरिया ने विश्व पर्यावरण दिवस एवं राम मंदिर अयोध्या में राम दरबार की स्थापना के शुभ अवसर पर आयोजित गीता परायण में नरेन्द्र सिंह राणावत, डॉक्टर कमल मेहरा डॉक्टर सुधीर मेहरा,ओम प्रकाश झंवर, एन सी साहू, रुचि राणावत,दिनेश मुथा, नन्दलाल पालीवाल,गजेन्द्र शर्मा, लक्ष्मण कुंवर, सतीश भारद्वाज, देवेंद्र कुंवर, सीमा कुमावत, सरस्वती माहेश्वरी, लक्ष्मी नारायण दशोरा, राधा माहेश्वरी, सुभाष चंद्र मेहता, अर्पिता मेहता, मंजू वैष्णव, विष्णु शंकर पालीवाल, ऊषा मुथा, रवि अरोड़ा, चेतना मुथा,नीता राणावत, प्राशा, शकुंतला झाला,वीरपाल सिंह राणा और अन्य भक्तजन उपस्थित रहें। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक गायत्री मंत्र का जप किया एवं गंगा जी की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया।

रिपोर्टर नारायण सेन

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