
सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है,संचालक ने बताया कि हमारी आर्थिक स्थिति सही नही होने के बावजूद गायो की सेवा में तत्पर रहता हूं,लोगो से मदद भी मिल रही है लेकिन पशुओं की संख्या ज्यादा होने से पर्याप्त नही है,गौशाला में करीब 74 गाय फिलहाल में है,जिनके लिए चारे की व्यवस्था व बारिश के कारण गौशाला में टपक रहे पानी को रोकने के लिए तिरपाल या टीन शेड छत के लिए दानदाताओं व भामाशाओ से उम्मीद लगाए इन सभी गायो की सेवा में लगा हूं, कोरोना काल के समय पशुओं में हुई लंपी बीमारी की महामारी मे गायो को सडको पर तड़फता देख यहां बाड़े में लाकर उनका इलाज व चारा पानी की
व्यवस्था की गई,सडको पर बेसहारा हालत में पशु पॉलीथिन खाकर मरते हुए देखा जहा से बेसहारा पशुओं का सहारा बनकर पशुओं की सेवा में तन मन धन , अपना अमूल्य समय सब लगा दिया साथ ही पूरा परिवार सेवा में लगा है पत्नी सुनीता सिलाई करकें घर परिवार के खर्च के साथ इन गायों के चारा पानी दवाई में खर्च करतीं हैं, अपना बेटा विद्यालय से आने के बाद इन गायों की देखभाल में मदद करता है, पूरे परिवार ने अपना सर्वस्व लगाया है, गौशाला संचालक जगपालसिंह जाट की आर्थिक स्थिति कमजोर है इसलिए मदद की गुहार लगाई है श्रीकृष्ण गौ सेवा सदन के लिए अनुदान दिलाने व गायों के लिए प्रयाप्त जमीन की सरकार से मांगा है साथ ही गौभक्तो दानदाताओं व भामाशाओ से अपेक्षा है गौ सेवा में अपना श्रेष्ठ योगदान देWhatsApp us