बारिश के चलते समय से पहले किया गया गणपति विसर्जन, श्रद्धालुओं में मिला-जुला उत्साह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सलुम्बर के नोलि गाव् में गणेश चतुर्थी की धूमधाम के बीच मौसम ने एक बार फिर रंग में भंग डालने की कोशिश की। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई गणेश मंडलों और श्रद्धालुओं ने निर्धारित तिथि से पहले ही गणपति बप्पा का विसर्जन करने का निर्णय लिया।स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी, जिसके चलते कई मंडलों ने सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विसर्जन को समय से पहले संपन्न किया।श्रद्धालुओं का मिला-जुला उत्साह:
जहां एक ओर लोगों को अपने आराध्य को जल्दी विदा करने का दुख था, वहीं दूसरी ओर उत्सव के सफल समापन को लेकर श्रद्धालुओं में संतोष भी देखा गया। भक्तों ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों के साथ बप्पा को विदाई दी।
बारिश के बावजूद विसर्जन के दौरान पूरी तरह सतर्क नजर आया। और नदियों एवं तालाबों के किनारे सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे। कुछ जगहों पर कृत्रिम तालाबों का भी उपयोग किया गया, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।स्थानीय गणेश मंडलों ने बताया कि समय से पहले विसर्जन का निर्णय आसान नहीं था, लेकिन सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अगले साल और भी भव्य रूप में बप्पा का आगमन होगा।भले ही बारिश ने गणपति उत्सव की परंपरागत रौनक में थोड़ी रुकावट डाली हो, लेकिन भक्तों की आस्था और भक्ति में कोई कमी नहीं आई। हर किसी ने अपने-अपने तरीके से इस पर्व को श्रद्धा और उल्लास से मनाया।

रिपोर्टर हितेश सुथार नोली

और पढ़ें

मानसून को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट: जिला कलक्टर ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देशअ सुरक्षित भवनों की रिपोर्ट, कंट्रोल रूम स्थापना, स्नेक बाइट जागरूकता, बिजली व्यवस्था और स्वास्थ्य तैयारियों पर विशेष जोर

बारिश में टपकती छत, जर्जर भवन और बिजली का खतरा; भाणपुर विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे प्रधानाध्यापक बोले— वर्षों से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने नहीं ली सुध; बड़ा हादसा हुआ तो कौन होगा जवाबदेह?

मानसून को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट: जिला कलक्टर ने सभी विभागों की समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देशअ सुरक्षित भवनों की रिपोर्ट, कंट्रोल रूम स्थापना, स्नेक बाइट जागरूकता, बिजली व्यवस्था और स्वास्थ्य तैयारियों पर विशेष जोर

error: Content is protected !!