भाटखेड़ा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की माग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम सोपा ज्ञापन प्रतापगढ़. छोटी सादड़ी तहसील के गांव भाटखेड़ा में चारागाह भूमि पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की शिकायत लेकर ग्रामीवासी जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर से कलेक्ट्री पहुंचे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर चारागाह चरनोट भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि 25 दिन पूर्व जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर अतिक्रमण की शिकायत की गई थी. जिसका रसीद नंबर 14880 है. इससे पूर्व भी ग्राम पंचायत गागरोल एवं तहसीलदार को भी अतिक्रमण को लेकर शिकायत की गई थी फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसको लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया.
गांव भाटखेड़ा ग्राम पंचायत गागरोल में आता है। पिछले कुछ समय से गांव की मंगरी चारागाह भूमि पर अन्य गांव के लोगों ने अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर लिया है। मकान के आसपास तारबंदी कर दी है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मंगरी की जमीन चरनोट आराजी में दर्ज है। यहां पर बरसों से ग्रामीण अपने पशुओं को चरा रहे है। पिछले कुछ समय से लोगों ने पहले कच्चा मकान बनाया अब निर्माण कर लिया साथ ही पत्थर डाल कर एवं तारबंदी कर अतिक्रम कर लिया। ग्रामीण जब पशु चराने जाते तो ये लोग गाली गलोच कर पत्थर एवं डंडो से पशुओं को मारते है एवं चरवाहों को जान से मारने की धमकी देते है। रात को यहां सडक़ पर समाज कंटकों का जमावाड़ रहता है एवं शराब पीकर राहगीरों को परेशान किया जाता है। चारागाह भूमि पर प्लाट काट कर बेचे, 200 बीघा पर तारबंदी ग्रामवासियों ने बताया कि मंगरी की चारागाह भूमि पर कथित माफिया द्वारा प्लॉट काटकर बेचे जा रहे है। अन्य गांव के लोग यहां मकान बनाकर कर रहे है। जब उनको यहां से हटने को बोला तो उन्होने बताया कि यह जमीन तो उन्होने खरीदी है। इस बाबत कई बार ग्राम पंचायत में शिकायत कि परन्तु राजनीति के चलते अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंगरी की पिछली ढलान की ओर लगभग 200 बीघा जमीन पर चार पांच साल पहले यहां पर तारबंदी की गई। जब ग्रामीणों इस बारे में पता किया तो बताया कि यहां सरकारी योजना में पौधरोपण होगा। परन्तु अभी तक यहां एक भी पौधा नहीं लगा। ग्रामीणों को आशंका है कि यह कोई सरकारी योजना का हिस्सा नहीं होकर किसी व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण की साजिश की जा रहीं है। क्योकि यहां पर अभी तक किसी प्रकार की सरकारी योजना का ना ही तो बोर्ड लगा ना ही पंचायत ने इस बारे में काई जानकारी दी।
ज्ञापन देने में भाटखेड़ा गांव के सूरजमल, किशोर, रामविलास, दिलखुश, दिनेश, मनोहर, रमेश, शिवलाल, बापू लाल एवं अन्य ग्रामीण मौजूद रहे