

उन्होंने बताया कि बच्चों का करियर निर्माण स्कूल में मिलने वाले सकारात्मक वातावरण और घर पर मिलने वाले सहयोग—दोनों के संतुलन से होता है। यदि पेरेंट्स थोड़े प्रयास करें तो वे अपने बच्चों का भविष्य संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी के युग में परंपरागत करियर विकल्पों से हटकर हजारों नए विकल्प उपलब्ध हैं, जिनकी जानकारी विद्यार्थियों को अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को ग्यारहवीं कक्षा के
विषय चयन को अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि यही भविष्य के करियर की दिशा तय करता है। गलत विषय चयन को कॉलेज एडमिशन से पहले भी बदला जा सकता है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 80% से अधिक विद्यार्थी गलत विषय चयन के कारण करियर में पिछड़ जाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को नए जमाने के करियर विकल्पों से अवगत कराया और कंप्यूटर, डिजिटल टेक्नोलॉजी व AI को समझने पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य के लगभग सभी करियर टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल की प्रधानाचार्य राखी सिंह ने अतिथि का स्वागत किया और समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से आभार व्यक्त किया।WhatsApp us