सलूंबर (राज.) | 17 दिसंबर 2025 राज्य सरकार की समस्या समाधान शिविर पहल ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है। भू-अभिलेख निरीक्षक वृत्त बरोडा, जिला सलूंबर में आयोजित शिविर में ग्राम माधवतपुरा के एक लंबे समय से अटके मामले का त्वरित और मानवीय समाधान कर प्रशासन ने मिसाल कायम की।
ग्राम माधवतपुरा, खाता संख्या 15 के सहखातेदार कालू एवं प्रभुलाल पुत्र रामा मेघवाल, निवासी नोली, वर्षों से संयुक्त भूमि पर आपसी सहमति से पाती-बटवारा कर अलग-अलग काबिज थे। लेकिन राजस्व अभिलेखों में बटवारा दर्ज नहीं होने के कारण वे सरकार की विभिन्न व्यक्तिगत लाभकारी योजनाओं से वंचित थे।
शिविर में मिला मौके पर समाधान
समस्या समाधान शिविर के दौरान पटवारी हल्का नोली, राजस्व निरीक्षक श्री रविन्द्र पंड्या एवं पटवारी श्रीमती सुमित्रा परमार द्वारा मौके पर पहुंचकर सहखातेदारों व उनके परिवारजनों को समझाइश दी गई। स्थिति के अनुरूप प्रस्तावित बटवारा तैयार किया गया, जिससे वर्षों पुरानी अड़चन का रास्ता साफ हुआ। यह कार्यवाही श्रीणरी–2025 कार्यक्रम के अंतर्गत की गई।
हाथों-हाथ स्वीकृति, तुरंत राहत
तत्पश्चात तहसीलदार सलूंबर डॉ. मयूर शर्मा एवं नायब तहसीलदार श्री हरिप्रकाश मीणा द्वारा मौके पर ही समझाइश कर प्रस्तावित बटवारे की जांच की गई और तुरंत बटवारा स्वीकृत कर सहखातेदारों को बटवारा प्रति प्रदान की गई।
बटवारा स्वीकृत होते ही राजस्व अभिलेखों में अलग-अलग खाते दर्ज हो गए, जिससे अब लाभार्थी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेने के लिए पात्र हो गए हैं।
प्रशासन की संवेदनशीलता की जीत
इस त्वरित, पारदर्शी और जनहितकारी कार्रवाई से लाभार्थी अत्यंत प्रसन्न नजर आए। उन्होंने राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समस्या समाधान शिविर ने उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का एक ही दिन में समाधान कर दिया।